Skip to main content
    • फीडबैक
    • साइटमैप
    • गोपनीयता नीति
  • Search form

  • Screen Reader
  • A+
  • A
  • A-
  • A
  • A
    • English
    • हिन्दी
  •  Get Your App
  •  Youtube
National Green Tribunal

राष्ट्रीय हरित अधिकरण

National Green Tribunal
    • होम
    • हमारे बारे में
    • मामलों की सूची
      • प्रधान न्यायपीठ
        • अध्यक्ष बेंच
        • न्यायालय II
        • न्यायालय III
        • महापंजीयक न्यायालय
      • आंचलिक पीठ
        • पूर्वी आंचलिक
        • पश्चिमी आंचलिक पीठ
        • मध्य आंचलिक पीठ
        • दक्षिणी आंचलिक पीठ
    • केस की स्थिति
    • निर्णय / आदेश
    • ई-फाइलिंग
    • डिस्प्ले बोर्ड
      • सर्वोच्च न्यायालय
      • राष्ट्रीय हरित अधिकरण
        • प्रधान न्यायपीठ, नई दिल्ली
        • मध्य आंचलिक पीठ, भोपाल
        • पूर्वी आंचलिक पीठ, कोलकाता
        • दक्षिणी आंचलिक पीठ, चेन्नई
        • पश्चिमी आंचलिक पीठ, पुणे
      • दिल्ली उच्च न्यायालय
    • अधिनियम और नियम
      • एन.जी.टी. अधिनियम 2010
      • एन.जी.टी. व्यवहार और प्रक्रिया नियम
      • अन्य एन.जी.टी. नियम
    • संपर्क
    • अध्यक्ष
      • वर्तमान अध्यक्ष
      • भूतपूर्व अध्यक्ष
    • सदस्य
      • न्यायिक सदस्य
        • वर्तमान सदस्य
        • भूतपूर्व सदस्य
      • विशेषज्ञ सदस्य
        • वर्तमान सदस्य
        • भूतपूर्व सदस्य
    • रजिस्ट्री
      • महापंजीयक
        • वर्तमान महापंजीयक
        • भूतपूर्व महापंजीयक
      • पंजीयक
        • दक्षिणी आंचलिक पीठ
        • पश्चिमी आंचलिक पीठ
        • पूर्वी आंचलिक पीठ
        • मध्य आंचलिक पीठ
      • उप पंजीयक
        • प्रधान न्यायपीठ
        • दक्षिणी आंचलिक पीठ
        • पूर्वी आंचलिक पीठ
        • पश्चिमी आंचलिक पीठ
        • मध्य आंचलिक पीठ
    • कार्यालय आदेश / सामान्य सूचना
      • प्रधान न्यायपीठ
      • आंचलिक पीठ
        • पूर्वी आंचलिक पीठ
        • पश्चिमी आंचलिक पीठ
        • मध्य आंचलिक पीठ
        • दक्षिणी आंचलिक पीठ
    • न्यायाधीशों का रोस्टर / साप्ताहिक मामलों की सूची
      • प्रधान न्यायपीठ
        • न्यायालय I
        • न्यायालय II
        • महापंजीयक न्यायालय
    • ई-पत्रिका
      • एन.जी.टी. की ई-पत्रिका 2025
        • भाग I
        • भाग II
      • एन.जी.टी. की ई-पत्रिका 2024
    • प्रकाशन
      • एन.जी.टी. की पर्यावरण पर आधारित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका 2014
        • VOL-1
        • VOL-2
      • एन.जी.टी. की पर्यावरण पर आधारित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका 2017
      • एन.जी.टी. की सूचना पुस्तिका
      • सिफारिश बुकलेट
    • स्टाफ कॉर्नर
      • प्रशासनिक फार्म
      • चिकित्सा योजना
        • राष्ट्रीय हरित अधिकरण स्टाफ के लिए चिकित्सा योजना- NGTMFS
        • चिकित्सा कार्ड के लिए आवेदन फार्म
        • चिकित्सा दावा प्रतिपूर्ति फार्म
        • नामिकागत हस्पतालों की सूची
    • याचिका की स्थिति
    • करियर
      • रिक्ति
      • भर्ती परिणाम
    • फार्म
    • सम्मेलन
      • अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मार्च 2017
      • अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नवंबर 2017
      • पर्यावरण पर राष्ट्रीय सम्मेलन 2025
    • गैलरी
      • फोटो गैलरी
      • वीडियो गैलरी
    • अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण न्यायालय
      • अंतरराष्ट्रीय न्यायालय
      • निर्णय
    • अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Back

श्री सिद्धांत दास

श्री सिद्धांत दास भारतीय वन सेवा के 1982 बैच के अधिकारी हैं, जो ओडिशा कैडर से संबंधित हैं। उन्होंने भौतिकी, वानिकी और व्यवसाय प्रशासन में परास्नातक की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग, यूके से “एग्रो-फॉरेस्ट्री” और “ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स” जैसे पाठ्यक्रम भी किए हैं। वे देश में वानिकी क्षेत्र के सर्वोच्च पद तक पहुंचे और पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार में वन महानिदेशक एवं विशेष सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए।

वन महानिदेशक के रूप में अपने 33 महीनों के कार्यकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पहल कीं, जिनमें (क) राष्ट्रीय वन नीति का मसौदा तैयार करना, (ख) देश की प्रमुख नदी प्रणालियों के लिए परिदृश्य आधारित कैचमेंट क्षेत्र उपचार योजना विकसित करना, (ग) सभी प्रकार के वनों की सीमाओं का डिजिटलीकरण प्रारंभ करना, (घ) भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद में समन्वित अनुसंधान कार्यक्रम और उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करना, (ङ) देश के लिए वन अग्नि प्रबंधन योजना तैयार करना, (च) लकड़ी आधारित उद्योगों के प्रबंधन हेतु नीति बनाना, (छ) वन उपज के परिवहन के लिए सरल और पारदर्शी प्रक्रियाएं विकसित करना, (ज) वन्यजीव एवं संरक्षित क्षेत्रों के प्रबंधन के लिए मजबूत योजना बनाना, तथा (झ) देश में वन प्रमाणन की शुरुआत करना शामिल है।

वे ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से जुड़ने वाले पहले और एकमात्र पूर्णकालिक अधिकारी थे, जब इसे अक्तूबर 1999 में आए विनाशकारी सुपर चक्रवात के बाद स्थापित किया गया था। यह देश का पहला ऐसा संगठन था, जिसने अन्य राज्यों और केंद्र में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के गठन को प्रेरित किया। इसके परिणामस्वरूप आपदा प्रबंधन में एक बड़ा बदलाव आया; राहत, पुनर्स्थापन और पुनर्निर्माण से हटकर योजना, तैयारी और रोकथाम पर जोर दिया गया। श्री दास ने देश की पहली राज्य आपदा प्रबंधन नीति और योजना का मसौदा तैयार किया।

उनमें शिक्षण का विशेष कौशल है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में 5 वर्षों तक प्रोफेसर और एक रेंजर्स कॉलेज के प्राचार्य के रूप में 3 वर्षों तक कार्य करते हुए उन्होंने नवाचारी और परस्पर क्रियात्मक शिक्षण विधियों की शुरुआत की।

उन्होंने अपने करियर में 4 वर्षों तक जिला स्तर पर, 4 वर्षों तक पर्यवेक्षण स्तर पर और 2 वर्षों तक राज्य स्तर पर वन और वन्यजीव संसाधनों का प्रबंधन किया। अपने पूरे कार्यकाल के दौरान वे सभी के लिए सहज रूप से उपलब्ध रहे। वे अपने मानवीय दृष्टिकोण, प्रशासन में संवेदनशीलता और अधीनस्थों तथा वन पर निर्भर समुदायों के प्रति सहानुभूति के लिए जाने जाते थे।

उन्होंने 4 वर्षों तक ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव के रूप में कार्य किया और पर्यावरण कानूनों के सख्त अनुपालन के लिए प्रसिद्ध हुए। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी पर्यावरण प्रशासन प्रणाली स्थापित की, जिससे ईमानदारी सुनिश्चित हुई। उन्होंने इस धारणा को तोड़ा कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड केवल निजी क्षेत्र पर कार्रवाई करता है, जब उन्होंने 2 नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को भी बंद करवाया।

उन्होंने 2 वर्षों तक संयुक्त राष्ट्र की संस्था वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के अंतर्गत चयनित आदिवासी आबादी के लिए खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के परियोजना निदेशक के रूप में कार्य किया।

सेवानिवृत्ति के बाद, वे दिनांक 1 जनवरी 2020 से 17 जुलाई 2020 तक राष्ट्रीय  हरित अधिकरण में विशेषज्ञ सदस्य के रूप में कार्यरत रहे।

प्रयोक्ता पुस्तिका
सहायता केंद्र
Structure टेलीफोन निर्देशिका
साइट मैप
संबंधित लिंक
आंचलिक पीठ
राष्ट्रीय हरित अधिकरण
फरीदकोट हाउस, कॉपरनिकस मार्ग, नई दिल्ली-110001
011-23043528, 011-23043521, फैक्स-011-23077931
ईमेल:-publicgrievance-ngt[at]gov[dot]in
कॉपीराइट © नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, 2019 सर्वाधिकार सुरक्षित