डॉ. विजय कुलकर्णी ने वालचंद कॉलेज, सांगली से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे से पर्यावरण विज्ञान एवं अभियांत्रिकी में एम.टेक., नागपुर विश्वविद्यालय से पीएच.डी. तथा नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी से पर्यावरण कानून में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है।
अपने 38 वर्षों से अधिक के करियर में डॉ. कुलकर्णी ने 100 से अधिक अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं पर कार्य किया है, 60 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं तथा पाँच पुस्तकों के सह-लेखक रहे हैं। उन्हें पर्यावरण परामर्श, अनुसंधान एवं विकास, शैक्षणिक संस्थानों, ईपीसी (डिजाइनिंग, सामग्री की खरीद और निर्माण कांट्रेक्टर) तथा अवसंरचना विकास संस्थानों के साथ कार्य करने का दुर्लभ अनुभव प्राप्त हुआ है।
डॉ. कुलकर्णी वर्ष 2006 से 2008 तक नई निर्माण परियोजनाओं हेतु पर्यावरण मूल्यांकन समिति के सदस्य रहे तथा 2009 से 2010 तक गैर-कोयला खनन परियोजनाओं हेतु पर्यावरण मूल्यांकन समिति के सदस्य के रूप में कार्य किया। जनवरी 2021 में राष्ट्रीय हरित अधिकरण से जुड़ने तक वे महाराष्ट्र की स्टेट एक्सपर्ट समिति अप्रेज़ल-I के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे।
उनकी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि और विविध अनुभव उन्हें पर्यावरण नीति विश्लेषण एवं निर्माण, प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण, पर्यावरण एवं सामाजिक प्रभाव आकलन, पर्यावरण अर्थशास्त्र तथा पर्यावरण ऑडिट जैसे क्षेत्रों में मुद्दों और चिंताओं का निष्पक्ष मूल्यांकन करने में सक्षम बनाते हैं।

